Nepal-India: भारत ने दिया नेपाल को करारा झटका

The News Canvas
3 Min Read
Image: The Indian Express

कुछ दिन पहले नेपाल में सत्ता परिवर्तन हुआ। सत्ता परिवर्तन के बाद बालेन शाह नेपाल के नए प्रधानमंत्री बने हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह ने कई बड़े फैसले लिए हैं। लेकिन इनमें से कई फैसले भारत के खिलाफ नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन शाह ने पहला बड़ा फैसला लिया, जिसमें उन्होंने भारत से आयातित वस्तुओं पर शुल्क लगाने की घोषणा की। नेपाल ने भारत से आयातित 100 रुपये से अधिक मूल्य की प्रत्येक वस्तु पर आयात शुल्क लगा दिया है। इसके चलते सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सीमावर्ती क्षेत्र में व्यापार लगभग ठप्प हो गया है। इसके बाद बालेन शाह ने भारत से नेपाल में प्रवेश करने वाले वाहनों पर टोल भी लगा दिया है।

नेपाल सरकार ने भारत से नेपाल में प्रवेश करने वाले वाहनों के संबंध में अपनी नीति को सख्त कर दिया है। नेपाल में प्रवेश करने वाले वाहन के चालक के लिए पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं, ऐसे सभी वाहनों को क्यूआर कोड को स्कैन करके अस्थायी वाहनों के रूप में पंजीकृत कराना होगा, जो कि एक बेहद जटिल और बोझिल प्रक्रिया है। इतना ही नहीं, बालेन शाह ने लिपुलेख पर भी अपना दावा जताया था। इसलिए, इन सभी फैसलों के माध्यम से बालेन शाह का भारत-विरोधी रुख सामने आ रहा है।

इन सबके बीच भारत ने नेपाल को बड़ा झटका दिया है। भारत ने घरेलू चीनी की कीमतों को स्थिर करने के लिए 30 सिंतबर तक सभी तरह की चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे नेपाल में एक नया संकट आ खड़ा हुआ है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि नेपाल भारत पर चीनी के लिए सबसे ज्यादा निर्भर है। किसी भी उत्सव के दौरान नेपाल में चीनी की सबसे ज्यादा खपत होती है और भारत के इस फैसले से नेपाल में चीनी का संकट खड़ा हो सकता है। फलस्वरूप चीनी की कीमतें आसमान छू सकती है। इन सबके बीच यह देखना बड़ा ही दिलचस्प होगा की नेपाल की सरकार अब क्या कदम उठाती है?

Share This Article
Leave a Comment