‘अहसास दिल से…’ के इस विशेष एपिसोड की थीम ‘विरासत और तजुर्बा’ है। होस्ट रोशनी के साथ इस खूबसूरत सफर में आज हम अपनी जड़ों की ओर लौटेंगे। एपिसोड में जहां एक तरफ जयपुर के विश्वप्रसिद्ध सांगानेरी प्रिंट के जरिए भारतीय रेलवे की नई पहल और हमारी कलात्मक विरासत की बात होगी, वहीं ‘पुराने ताले की चाबी’ के एक छोटे से किस्से से तजुर्बे की अहमियत को समझा जाएगा। साथ ही, कबीर साहब की अमर वाणी के माध्यम से यह जाना जाएगा कि बुज़ुर्गों का अनुभव किसी भी मशीन या थ्योरी से बड़ा क्यों है। आइए, कुछ पल मोबाइल छोड़कर अपनों के पास बैठें।
