झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। एक सीट पर सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार को सफलता मिली, जबकि दूसरी सीट पर एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार Parimal Nathwani ने जीत हासिल कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
राज्यसभा चुनाव में Parimal Nathwani को 28 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 वोट मिले। इस परिणाम ने विपक्षी गठबंधन के भीतर संभावित मतभेदों और क्रॉस-वोटिंग को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस जीत के साथ Nathwani चौथी बार राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे हैं।
जीत के बाद क्या बोले Nathwani?
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद परिमल Nathwani ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि उन्हें चौथी बार राज्यसभा में जनता की सेवा करने का अवसर मिलने पर गर्व है। उन्होंने इसे भावुक क्षण बताते हुए कहा कि झारखंड से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है और इसी राज्य से उनकी संसदीय यात्रा की शुरुआत हुई थी।
उन्होंने अपनी जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
इंडिया गठबंधन में क्यों मचा घमासान?
राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने अपने सहयोगी दलों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का दावा है कि उसके सभी विधायक एकजुट रहे, लेकिन सहयोगी दलों के कुछ वोट अपेक्षित दिशा में नहीं गए। कांग्रेस नेताओं ने इस हार के लिए सहयोगी दलों के कुछ विधायकों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि इन आरोपों को संबंधित दलों के नेताओं ने खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि कांग्रेस अपनी रणनीतिक कमियों को छिपाने के लिए दूसरों पर आरोप लगा रही है। इस मुद्दे पर गठबंधन के भीतर बयानबाजी का दौर जारी है।
मुख्यमंत्री और विपक्ष ने भी दी बधाई
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यसभा के लिए निर्वाचित दोनों उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे उच्च सदन में राज्य की आवाज को मजबूती से उठाएंगे।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी Nathwani को बधाई देते हुए कहा कि उनका झारखंड से पुराना संबंध रहा है और उनका अनुभव राज्य के विकास में उपयोगी साबित हो सकता है।
आखिर कौन हैं Parimal Nathwani?
Parimal Nathwani देश के कॉर्पोरेट और राजनीतिक जगत में एक जाना-पहचाना नाम हैं। वर्तमान में वे रिलायंस इंडस्ट्रीज में कॉर्पोरेट मामलों से जुड़े वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा वे खेल प्रशासन और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
गुजरात से संबंध रखने वाले Nathwani ने अपने करियर की शुरुआत छोटे व्यवसायों से की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने मुंबई में कारोबार किया और बाद में दूरसंचार सेवाओं से जुड़े कई उपक्रम भी संचालित किए। व्यवसायिक जीवन में उन्हें उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने लगातार आगे बढ़ने का प्रयास जारी रखा।
धीरूभाई अंबानी से मुलाकात ने बदली जिंदगी
1990 के दशक के अंत में Nathwani की मुलाकात रिलायंस समूह के संस्थापक धीरूभाई अंबानी से हुई। इसके बाद उन्हें कंपनी के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में जिम्मेदारियां मिलीं। गुजरात के जामनगर में स्थापित विशाल रिफाइनरी परियोजना से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका को विशेष रूप से उल्लेखनीय माना जाता है।
समय के साथ उन्होंने रिलायंस समूह के भीतर अपनी अलग पहचान बनाई और विभिन्न कॉर्पोरेट परियोजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जियो नेटवर्क के विस्तार सहित कई रणनीतिक पहलों में भी उनकी भूमिका की चर्चा होती रही है।
राजनीति, उद्योग और खेल जगत में सक्रिय उपस्थिति
व्यापारिक क्षेत्र के अलावा Parimal Nathwani खेल प्रशासन से भी जुड़े रहे हैं। वे गुजरात फुटबॉल से संबंधित गतिविधियों में नेतृत्वकारी भूमिका निभा चुके हैं। साथ ही धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं में भी उनकी भागीदारी रही है।
करीब तीन दशक से अधिक समय से उद्योग, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय नाथवानी अब चौथी बार राज्यसभा सांसद के रूप में संसद पहुंचने जा रहे हैं। उनकी ताजा जीत ने न केवल झारखंड की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई बहस को जन्म दे दिया है।
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Edited by: Bhoomi Goyal
