जोबनेर (जयपुर) – Chaitra Navratri के पावन अवसर पर जोबनेर स्थित ज्वाला माता धाम में आस्था, भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है और पूरा क्षेत्र “जय माता दी” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा है।
यह प्राचीन धाम एक अनूठे शक्तिपीठ के रूप में विख्यात है, जहां माता सती के घुटने की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सती के अंग पृथ्वी के विभिन्न स्थानों पर गिरे थे, जिनमें जोबनेर वह पावन स्थल माना जाता है जहां उनका घुटना गिरा था। यहां गुफा में प्राकृतिक रूप से प्रकट आकृति को ही माता का स्वरूप मानकर पूजा-अर्चना की जाती है, विशेष बात यह है कि यहां किसी प्रकार की मूर्ति स्थापित नहीं है।

Chaitra Navratri के दौरान मंदिर में अखंड ज्योत निरंतर प्रज्वलित रहती है, जो श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक है। माता की आरती चांदी के बर्तनों में की जाती है तथा लगभग 200 वर्ष पुरानी नौबत (नगाड़ा) आरती के समय बजाई जाती है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
मंदिर में श्रद्धालु माता को चुनरी, लहंगा और सोलह श्रृंगार अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। Chaitra Navratri के अवसर पर यहां लक्खी मेले का आयोजन भी प्रारंभ हो गया है, जिसमें राजस्थान सहित अन्य राज्यों से लाखों भक्त पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु सुबह तड़के से ही लंबी कतारों में लगकर माता के दर्शन कर रहे हैं।
ज्वाला माता मंदिर ट्रस्ट, जोबनेर द्वारा Chaitra Navratri के दौरान व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारियों और सदस्यों की देखरेख में दर्शन व्यवस्था, साफ-सफाई, जल व्यवस्था एवं भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

Chaitra Navratri के साथ ही सेवाभाव की अनूठी मिसाल भी देखने को मिल रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं ट्रस्ट के सहयोग से यात्रियों के लिए जलपान, नाश्ता एवं भंडारों की व्यवस्था की जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को राहत मिल रही है।
नवविवाहित जोड़े जहां माता का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं, वहीं कई परिवार अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी यहीं संपन्न करवा रहे हैं। दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए, जयकारों के साथ मंदिर पहुंचकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जोबनेर थाना पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है।

जो श्रद्धालु हिमाचल प्रदेश स्थित प्रसिद्ध ज्वाला शक्तिपीठ नहीं जा पाते, उनके लिए जोबनेर का यह धाम विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। Chaitra Navratri के दौरान यहां प्रतिदिन विशेष पूजन, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर है।
यह धाम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और सेवाभाव का जीवंत प्रतीक भी है।
Chaitra Navratri विशेष जानकारी
चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ आज से हो गया है और घर-घर में घट स्थापना की जा रही है। नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।
Chaitra Navratri: घट स्थापना के शुभ मुहूर्त
सुबह: 6:52 बजे से 7:56 बजे तक दोपहर: 12:05 बजे से 12:53 बजे तक श्रद्धालु नौ दिनों तक अखंड ज्योत प्रज्वलित कर माता की आराधना करते हैं।
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