Yogi Adityanath: जातिवाद की राजनीति भारत की नींव को कमजोर…

Umang Mathur - Beauro Head (TNC)
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जौहर स्मृति संस्थान के जौहर श्रद्धांजलि समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath का उद्बोधन
बोले, चित्तौड़गढ़ का दुर्ग पत्थरों का ढांचा नहीं, भारत की राष्ट्रीय अस्मिता का प्रहरी
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री शेखावत बोले, इतिहास पुरुषों को जातियों में बांटना कष्टकारी

चित्तौड़गढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि जातिवाद की राजनीति भारत की नींव को कमजोर कर रही है। बांटने की राजनीति हम सबको फिर से गुलामी की ओर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ का दुर्ग केवल पत्थरों से निर्मित कोई ऐतिहासिक ढांचा नहीं है, बल्कि यह भारत के स्वाभिमान, मर्यादा और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रहरी है।

महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी और गुरु गोविंद सिंह जैसे राष्ट्रनायकों ने सत्ता के लिए नहीं, बल्कि देश और धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। योगी आदित्यनाथ रविवार को जौहर स्मृति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित जौहर श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि महाराणा बप्पा रावल से लेकर महाराणा राज सिंह तक का बलिदान किसी भी एक जाति विशेष के लिए नहीं बल्कि पूरे हिंदू धर्म और सभ्यता की रक्षा के लिए था।

Yogi Adityanath

अपने संबोधन में Yogi Adityanath ने मेवाड़ और उत्तर प्रदेश के गहराते आध्यात्मिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन दिख रहा है, उसके पीछे राजस्थान की इस वीर भूमि का योगदान है। मेरे पूज्य दादा गुरु इसी भूमि से गोरखपुर गए थे। उत्तर प्रदेश में अगर हम कुछ कर पा रहे हैं तो वह इसी चित्तौड़गढ़ का तेज है।

जौहर की गाथाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि महारानी पद्मिनी का जौहर केवल प्राणों का त्याग नहीं, बल्कि विधर्मियों के विरुद्ध नारी गरिमा की रक्षा का सबसे बड़ा संकल्प था। उन्होंने उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि हमने स्पष्ट किया है कि नारी गरिमा के मामले में सरकार जीरो टॉलरेंस पर काम करेगी। यदि किसी ने बहन-बेटी की सुरक्षा पर हाथ डालने का दुस्साहस किया तो अगले चौराहे पर यमराज उसका इंतजार कर रहा होगा।

Yogi Adityanath ने कहा कि यह देश कमजोर क्यों हुआ? क्योंकि जातिवाद ने समाज की नींव को दरका दिया, कमजोर कर दिया। यह जातिवाद की राजनीति भारत की नींव को कमजोर कर रही है। बांटने की राजनीति हम सबको फिर से गुलामी की ओर धकेल रही है। उससे बचने के लिए आज हम सबको एक उस भाव के साथ आगे बढ़ना पड़ेगा। ‘मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का, धनुष छोड़कर और गोत्र क्या होता रणधीरों का?’ ये महाकवि दिनकर की पंक्तियां हैं।

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Yogi Adityanath ने कहा कि जिनको कुछ नहीं करना है, वे जातिवाद के आधार पर सामाजिक एकता को छिन्न-भिन्न करने का पाप कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि कौन लोग हैं, जो जातिवाद के आधार पर फिर से समाज को बांट रहे हैं? कौन लोग हैं, जो अफवाह के आधार पर देश के अंदर विश्वास का संकट खड़ा कर रहे हैं? कौन वे लोग हैं, जो लगातार भारत को ‘भारत’ ना बनने दें, इसके लिए तमाम प्रकार के दुष्चक्र कर रहे हैं?

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि यह वही लोग हैं, जिन्होंने कहा था कि ‘राम और कृष्ण तो हुए ही नहीं’। यह वही लोग हैं, जिन्होंने राम मंदिर के आंदोलन में विरोधी पक्ष के साथ जाकर के मिलकर के राम मंदिर का फैसला ना हो इसके लिए एड़ी-चोटी लगाई थी। यह वही लोग हैं, जो राम सेतु को तोड़ने के लिए तो उतावले दिखाई देते हैं, लेकिन राम मंदिर के निर्माण का विरोध करते हैं। यह वही लोग हैं, जिनके द्वारा लगातार देश के अंदर अविश्वास का वातावरण पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।

इस अविश्वास के परिणामस्वरूप ये भारत की संवैधानिक संस्थाओं को भी कटघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। भारत के संवैधानिक संस्थाओं को खड़ा करने का मतलब भारत को एक बार फिर से कटघरे में खड़ा करके अविश्वसनीय बना देना। इनको देश की चिंता नहीं, इनको स्वयं के अस्तित्व का संकट इनके सामने है, इसलिए ये देश पर प्रश्न लगाने का प्रयास कर रहे हैं। भारत की अस्मिता के साथ अब खिलवाड़ करने पर उतारू हो चुके हैं।

Yogi Adityanath: नेताजी बोस होते तो पापी पाकिस्तान नहीं होता

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कौन ऐसा भारतीय होगा, जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस का स्मरण न करता हो? उन्होंने भी तो आह्वान किया था, ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।’ यह नारा केवल बंगाल के लिए नहीं था, पूरे भारत के लिए था, पूरे भारत की आजादी के लिए था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस होते तो भारत का विभाजन नहीं होता, पापी पाकिस्तान भी नहीं होता।

उनका यह आह्वान भारत की अस्मिता के लिए था, भारत की आजादी के लिए था, भारत के नौजवानों के साथ था। आप जाइए ना भारत से बाहर भी, जापान में, सिंगापुर में। भारत के अंदर पोर्ट ब्लेयर में जाइए, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के द्वारा भारत की आजादी के लिए… म्यांमार में आप जाइए। भारत की आजादी के लिए उनके द्वारा किए गए योगदान का स्मारक आज भी हम सब भारतीयों का आह्वान करता है।

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Yogi Adityanath: चित्तौड़गढ़ का दुर्ग भारत के स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक

अपने उद्बोधन में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि चित्तौड़गढ़ का दुर्ग केवल पत्थरों से निर्मित कोई ढांचा नहीं, बल्कि यह भारत के स्वाभिमान, अस्मिता और अदम्य जिजीविषा का जीवंत प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में शेखावत ने समाज को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘बटेंगे तो कटेंगे’ का नारा आज की परिस्थितियों में सांस्कृतिक पुनरुद्धार के लिए सबसे बड़ी सीख है। मेवाड़ की बलिदानी धरा को नमन करते हुए शेखावत ने कहा कि यह धरती दुनिया के किसी भी तीर्थ से अधिक पवित्र है।

उन्होंने रानी पद्मिनी (1303), रानी कर्मावती (1534-35) और रानी फूलकंवर (1568) के नेतृत्व में हुए तीन ऐतिहासिक जौहरों का उल्लेख करते हुए कहा कि जौहर की अग्नि शिखा भले ही समय के साथ शांत हो गई होगी, लेकिन उस तपिश ने आने वाली पीढ़ियों के हृदय में राष्ट्र की रक्षा के लिए मर-मिटने की जो ज्वाला जलाई, वह आज भी हमें प्रेरित करती है।

शेखावत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाराज जी ने पिछले वर्ष का अपना वादा निभाया और निमंत्रण देने की औपचारिकता के बिना ही इस पवित्र मिट्टी को मस्तक पर लगाने यहां पधारे। शेखावत ने 1982 के अपने छात्र जीवन को याद करते हुए बताया कि वे यहां तब से इस आयोजन के साक्षी रहे हैं जब वे एक छोटे से विद्यार्थी थे।

शेखावत ने वर्तमान सामाजिक और सांस्कृतिक चुनौतियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज हमारे इतिहास पुरुषों को राजनीतिक स्वार्थ के लिए जातियों और टुकड़ों में बांटने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत कष्टकारी है। उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां हर जाति और वर्ग के लोग छत्रपति शिवाजी महाराज को अपनी अस्मिता का प्रतीक मानते हैं, वैसी ही सोच राजस्थान में भी विकसित होनी चाहिए। महाराणा बप्पा रावल से लेकर महाराणा राज सिंह तक का बलिदान किसी एक जाति विशेष के लिए नहीं, बल्कि पूरे हिंदू धर्म और सभ्यता की रक्षा के लिए था।

Yogi Adityanath: दुर्ग के विकास के लिए बड़ी घोषणाएं

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने चित्तौड़गढ़ दुर्ग की सुरक्षा और पर्यटन को लेकर महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दुर्ग की मर्यादा और यूनेस्को की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए यहां एक अत्याधुनिक ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ विकसित किया जाएगा, जहां आने वाला हर पर्यटक भारत की श्रेष्ठ परंपराओं और बलिदान के इतिहास को महसूस कर सकेगा।

भक्ति की शक्ति मां मीराबाई की स्मृति में भी एक भव्य एक्सपीरियंस सेंटर बनाया जाएगा, जिसके लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है। दुर्ग पर ट्रैफिक की भारी समस्या और नवरात्रि के दौरान होने वाले जाम को देखते हुए, सूरजपोल की तरफ से एक नया वैकल्पिक रास्ता बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इससे दुर्ग पर ‘वन-वे’ ट्रैफिक की व्यवस्था सुचारू हो सकेगी।

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