जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की संस्कृति और पर्यावरण प्रेमियों की भावनाओं के अनुरूप खेजड़ी को बचाने के लिए कृत संकल्पित है। खेजड़ी सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रजातियों के वृक्षों के संरक्षण एवं सुरक्षा हेतु राज्य सरकार ने एक विशेष कानून लाने के अपने विनिश्चय और घोषणा की क्रियान्विति करने के लिए ‘वृक्ष संरक्षण विधेयक’ का प्रारूप तैयार करने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। इस समिति की पहली बैठक सोमवार प्रातः संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में उनके निवास पर आयोजित की गई।
आज जयपुर स्थित राजकीय आवास पर माननीय मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी के निर्देशानुसार, ’’राज्य वृक्ष खेजड़ी’’ के संरक्षण हेतु लाए जा रहे ’’वृक्ष संरक्षण अधिनियम’’ का प्रारूप तय करने के लिए समिति की आवश्यक बैठक आयोजित हुई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्व मंत्री श्री हेमंत मीणा… pic.twitter.com/ZfX46HiBoj
— Jogaram Patel (@JogarampatelMLA) March 9, 2026
Environmental Protection : संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में बैठक
बैठक में राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री हेमन्त मीणा, वन मंत्री संजय शर्मा सहित विधि विभाग के प्रमुख शासन सचिव, राजस्व विभाग के शासन सचिव एवं विधि विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
कमेटी द्वारा Environmental Protection हेतु एक मजबूत और बिना मुकदमे वाला कानून बनाने के लिए दूसरे राज्यों में मौजूद वृक्ष संरक्षण कानूनों के साथ तुलनात्मक अध्ययन कर विचार-विमर्श किया गया। प्रारूप विधेयक को अंतिम रूप दिए जाने से पहले संबंधित विभागों, विधि विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर के सुझावों पर विचार किया जा रहा है। कमेटी की अगली बैठक आगामी 11 मार्च को आयोजित की जाएगी।

Environmental Protection : वृक्षों के संरक्षण हेतु विचार-विमर्श
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में केवल कृषि भूमि पर ही पेड़ों की कटाई की अनुमति का प्रावधान और अवैध पेड़ कटाई पर पेनल्टी का प्रावधान काश्तकारी कानून में है। अब नया कानून लाकर हर प्रकार की भूमियों जैसे- आवंटित, रूपान्तरित, अधिग्रहित और आबादी भूमियों अर्थात समस्त गैर कृषि उपयोग वाली भूमियों पर भी वृक्ष संरक्षण के लिए कठोर प्रावधान किए जाएंगे। गैर कृषि उपयोग की इन भूमियों पर प्राधिकृत अधिकारी से अनुमति लेकर ही न्यूनतम आवश्यक पेड़ ही हटाए जा सकेंगे।
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