वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष को कब समाप्त किया जाएगा, इसका फैसला इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ मिलकर लिया जाएगा।
एक टेलीफोन इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि मौजूदा सैन्य कार्रवाई से पहले Iran इज़राइल को नष्ट करने के करीब था और संयुक्त अभियान ने उस खतरे को खत्म कर दिया।
“Iran इज़राइल को तबाह करने वाला था” – ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि Iran इज़राइल और उसके आसपास के क्षेत्रों को पूरी तरह तबाह करने की तैयारी में था।
उन्होंने कहा, “हमने मिलकर काम किया है और उस देश को नष्ट कर दिया है जो इज़राइल को मिटाना चाहता था।”
ट्रंप के अनुसार अमेरिका और इज़राइल के बीच इस अभियान को लेकर लगातार बातचीत हो रही है और सही समय पर युद्ध को खत्म करने का निर्णय लिया जाएगा।
ट्रंप की बड़ी घोषणा
जहां जहां ख़ेमनेई भागेगा वहां वहां पर बम गिराए जाएंगे हम ईरान के सत्ता परिवर्तन तक ये युद्ध जारी रहेगा हम इस्लाम मुक्त ईरान करेंगे
ईरान के लोग इस युद्ध का फायदा उठाए और सरकारी संपत्ति पर कब्जा करे हम आपको आजादी देंगे pic.twitter.com/RSrvhOB72g
— Mahendra Bahubali 🇮🇳 (@Bahubali_IND2) February 28, 2026
Iran conflict: युद्ध रोकने के फैसले में दोनों देशों की भूमिका
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या सैन्य अभियान को रोकने का फैसला पूरी तरह अमेरिका के हाथ में है, तो उन्होंने कहा कि इस मामले में दोनों देशों के बीच आपसी सहमति से निर्णय लिया जाएगा।
हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि अंतिम फैसला उनके द्वारा लिया जा सकता है, लेकिन इसमें नेतन्याहू की राय को भी ध्यान में रखा जाएगा।
Iran conflict: “इज़राइल को अकेले अभियान जारी रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी”
ट्रंप से यह भी पूछा गया कि अगर अमेरिका कार्रवाई रोक देता है तो क्या इज़राइल अपने स्तर पर अभियान जारी रख सकता है। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति आने की संभावना नहीं है।
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इसकी आवश्यकता होगी।”
चार से छह सप्ताह तक चल सकता है संघर्ष
व्हाइट हाउस के मुताबिक यह सैन्य संघर्ष चार से छह सप्ताह तक चल सकता है। हालांकि ट्रंप ने इस पर कोई स्पष्ट समय सीमा तय नहीं की है।
यह लड़ाई 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य अभियान के साथ शुरू हुई थी, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत हो गई थी।

Iran conflict: मोजतबा खामेनेई बने ईरान के नए सर्वोच्च नेता
ईरान ने हाल ही में Mojtaba Khamenei को देश का नया सर्वोच्च नेता घोषित किया है।
इस नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा, “देखते हैं क्या होता है।”
Iran conflict: नेतन्याहू को माफी देने की मांग दोहराई
ट्रंप ने एक बार फिर नेतन्याहू को कानूनी राहत देने की मांग दोहराई। इज़राइल के प्रधानमंत्री इस समय रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
ट्रंप ने इज़राइल के राष्ट्रपति Isaac Herzog की आलोचना करते हुए कहा कि नेतन्याहू को तुरंत माफी दी जानी चाहिए ताकि वह युद्ध पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

Iran conflict: हर्जोग कार्यालय का जवाब
इस पर हर्जोग के कार्यालय ने कहा कि इज़राइल एक संप्रभु देश है और वहां कानून का शासन लागू होता है। माफी से जुड़े किसी भी अनुरोध पर फैसला न्याय मंत्रालय की प्रक्रिया के अनुसार ही लिया जाएगा।
Iran conflict: ट्रंप ने नेतन्याहू के नेतृत्व की सराहना की
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच पहले तनाव रहे हैं, लेकिन वर्तमान में उनका सहयोग बेहद मजबूत है।
ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू के नेतृत्व ने इज़राइल की सुरक्षा को मजबूत किया है। उन्होंने कहा, “अगर नेतन्याहू आसपास नहीं होते, तो आज इज़राइल का अस्तित्व नहीं होता।”
