नई दिल्ली| ने आज में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में 25 वर्षों की सेवा पूर्ण होने तथा 500 करोड़ (5 बिलियन) भोजन वितरण की ऐतिहासिक उपलब्धि का उत्सव मनाया।
Akshaya Patra: कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भारत की राष्ट्रपति रहीं, जिन्होंने बच्चों को भोजन परोसकर इस महत्वपूर्ण मील के पत्थर को चिह्नित किया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम में अक्षय पात्र के संस्थापक एवं सहित अनेक गणमान्य अतिथि, नीति विशेषज्ञ, सहयोगी एवं लाभार्थी छात्र उपस्थित रहे।
Akshaya Patra: कार्यक्रम का विषय “सुपोषित और सुशिक्षित भारत से विकसित भारत”
जो बच्चों के पोषण एवं शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के सामूहिक प्रयासों को दर्शाता है।

Akshaya Patra: राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि अक्षय पात्र करुणा और सामाजिक नवाचार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है तथा यह संस्था पिछले 25 वर्षों से निरंतर बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने को नमन करते हुए कहा कि उनका “कोई भी भूखा न रहे” का संकल्प आज साकार हो रहा है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पोषित एवं शिक्षित बालक ही विकसित भारत की नींव हैं और अक्षय पात्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण जन-आंदोलन बन चुका है।

Akshaya Patra: अक्षय पात्र वर्तमान में भारत के 16 राज्यों एवं 3 केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 23.5 लाख बच्चों को प्रतिदिन पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध करा रहा है। यह संस्था भारत सरकार की PM POSHAN योजना की प्रमुख कार्यान्वयन सहयोगी है।
इस अवसर पर ने कहा कि संस्था श्रील प्रभुपाद के इस संकल्प को आगे बढ़ा रही है कि कोई भी बच्चा भूखा न रहे। वहीं ने सभी सहयोगियों, दाताओं और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

Akshaya Patra: अक्षय पात्र की यह उपलब्धि समाज, सरकार और सहयोगियों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है, जो “वसुधैव कुटुम्बकम्” के आदर्श को साकार करती है।
