Chittorgarh। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। चित्तौड़गढ़ जिले में पेट्रोल-डीजल सहित अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने से संकट की स्थिति बनने लगी है। कई पेट्रोल पंपों पर मांग के अनुसार सप्लाई नहीं पहुंचने के कारण स्टॉक तेजी से घट रहा है, जिसके चलते पंप संचालकों ने वाहनों में ईंधन भरवाने की सीमा तय कर दी है।
Chittorgarh: पेट्रोल पंप संचालक सत्यनारायण नंदवाना ने बताया कि खाड़ी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल आपूर्ति को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसका असर सप्लाई चैन पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार होने के कारण नियमित सप्लाई नहीं पहुंची, जिससे सोमवार तक पेट्रोल और डीजल का स्टॉक निम्न स्तर पर पहुंच गया।
Chittorgarh: स्थिति को देखते हुए फिलहाल चार पहिया वाहनों में अधिकतम ₹1000 तक का पेट्रोल-डीजल, दो पहिया वाहनों में ₹300 तक तथा बसों में 50 लीटर तक ईंधन देने की सीमा तय की गई है। पंप संचालकों का कहना है कि यदि समय पर तेल कंपनियों की ओर से आपूर्ति नहीं हुई तो आगामी दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
चित्तौड़गढ़
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दिखने लगा
पेट्रोल ₹3.14 और डीजल ₹3.11 प्रति लीटर महंगा हुआ
नई कीमतें सुबह 6 बजे से लागू कर दी गईं
दाम बढ़ने की खबर के बाद पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगीं
कई पेट्रोल पंपों पर चार पहिया… pic.twitter.com/hJGGHiY1uM
— Aaj Ki Khabar (@AajKiKhabarNews) May 15, 2026
Chittorgarh: जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में देशभर में तेल की उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ी है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तेल की बचत और अनावश्यक खपत कम करने की अपील के बाद भी कई स्थानों पर आमजन आवश्यकता से अधिक मात्रा में तेल भरवाने और स्टॉक करने की ओर बढ़ रहे हैं। लोगों में भविष्य में कमी की आशंका के चलते अतिरिक्त पेट्रोल-डीजल भरवाने की प्रवृत्ति भी देखी जा रही है, जिससे मांग अचानक बढ़ गई है।
Chittorgarh: पेट्रोल पंप संचालकों ने आमजन से अपील की है कि घबराहट में आवश्यकता से अधिक ईंधन का संग्रह नहीं करें तथा जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल भरवाएं, ताकि सभी लोगों को पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध हो सके।
Chittorgarh: यदि आने वाले दिनों में तेल कंपनियों की सप्लाई व्यवस्था सामान्य नहीं हुई तो जिले में पेट्रोल-डीजल संकट और गहरा सकता है, जिसका सीधा असर परिवहन, व्यापार और आमजन की दैनिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
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