सोशल मीडिया पर एक वीडियो इन दिनों काफी वायरल हो रहा है जिसमें कुछ हिंदू लोग ताज महल में भजन गाते हुए देखे जा रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद ASI यानि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने CISF यानि केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल से रिपोर्ट मांगी है। यह वीडियो ईद-उल-अजहा के एक दिन पहले वायरल हुआ है। CISF से रिपोर्ट मांगने का सबसे बड़ा कारण है कि CISF ही ताज महल की सुरक्षा करता है।
The Taj Mahal was built by the Mughal emperor Shah Jahan in memory of his beloved wife. Some people have been seen performing kirtans inside the Taj Mahal. In the past, activities such as carrying Ganges water, hoisting flags, and making reels have been reported inside the Taj… pic.twitter.com/mVdSqJWqNk
— Siraj Noorani (@sirajnoorani) May 27, 2026
इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ महिलाएं बाकी पर्यटकों के साथ फर्श पर बैठकर तालियों को बजाते हुए ‘भजन’ करती हुई दिखाई दे रही हैं। यह भजन जहां हो रहा है वह मुख्य मकबरे के ठीक सामने है। इस वीडियो में 15 से 20 लोग दिखाई दे रहे हैं।
खबरों की माने तो इस वीडियो के वायरल होने के बाद ASI ने एक्शन में आते हुए CISF से तुरंत रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि ताज महल ASI प्रोटेक्टेड है जिसके कारण किसी भी धर्म की कोई भी गतिविधियां यहां बैन हैं यहां तक की ताजमहल में नमाज की भी इजाजत सिर्फ शुक्रवार, ईद और रमजान में है।
ASI: इस विवाद का मुख्य कारण है यह है कि कई हिंदूओं का मानना है कि इस स्थान पर ताज महल बनने से पहले ‘शिव मंदिर’ था जिसे तोड़कर ताज महल बनाया गया। इससे पहले भी इस स्थान पर ‘हनुमान चालीसा’ करने और परिसर में जल चढ़ाने की कोशिश की गई थी।
इस विवाद के चलते एक याचिका हिंदूओं द्वारा पहले ही दी जा चुकी है जिसमें यह दावा किया गया है कि यह स्थान हिंदूओं के शिव मंदिर का है।
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