सोमवार को Oman के तट पर विदेशी ध्वज वाले तेल टैंकर ‘मैरीवेक्स’ में आग लगने की घटना सामने आई, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे। मेडागास्कर ध्वज वाले इस जहाज में माल नहीं था और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित थे। Oman स्थित भारतीय दूतावास ने X पर पोस्ट किया, “भारतीय नाविकों से भरे जहाज में हुई घटना की जानकारी हमें दी गई है। हम उनकी बचाव और सुरक्षा के लिए ओमान के अधिकारियों के संपर्क में हैं।” मरीनट्रैफिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, टैंकर भारत के कारवार से Oman के दुक्म जा रहा था।
सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित हैं। हम विदेश मंत्रालय, विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों, भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं,” जहाजरानी मंत्रालय के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने कहा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना ओमान तट से करीब 15 समुद्री मील दूर हुई। बताया जा रहा है कि अचानक हुए तेज विस्फोट ने जहाज के इंजन रूम को अपनी चपेट में ले लिया। विस्फोट के तुरंत बाद जहाज में भीषण आग लग गई, जिससे पूरे समुद्री इलाके में हड़कंप मच गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, धमाके के कारण इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा और जहाज का संतुलन भी बिगड़ गया। हालात गंभीर होते देख चालक दल ने तुरंत SOS इमरजेंसी संदेश जारी किया। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना सामने नहीं आई है।
उन्होंने आगे बताया कि जहाजरानी महानिदेशालय के माध्यम से जहाजरानी मंत्रालय ने अब तक 3,506 भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें से 32 नाविक पिछले 96 घंटों में वापस लाए गए हैं। स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:30 बजे लगी इस आग का कारण तत्काल ज्ञात नहीं हो सका है।
410 जहाजों पर नाविक विभिन्न घटनाओं से प्रभावित
ITF के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 अब तक जहाज परिवहन उद्योग के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण वर्षों में से एक साबित हो रहा है। इस दौरान 410 जहाजों पर सवार 6,233 नाविक विभिन्न घटनाओं से प्रभावित हुए हैं, जिनमें सबसे बड़ी संख्या भारतीय नाविकों की बताई जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की में पिछले साल ऐसे मामलों के सबसे ज्यादा 61 मामले दर्ज किए गए थे। फिलहाल मरमरा सागर में 15 विदेशी झंडे वाले जहाज लंगर डाले हुए हैं, जिन्हें परिवहन श्रेणी में रखा गया है। यह क्षेत्र बोस्फोरस और डार्डानेल्स के बीच स्थित है, जो काला सागर और भूमध्य सागर को जोड़ने वाला अहम समुद्री मार्ग माना जाता है।
