जयपुर: Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के Samalkha, Haryana, India में सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन के विस्तार, राष्ट्रहित में समाज की सज्जन शक्ति की भागीदारी और सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
यह जानकारी RSS के क्षेत्र संघचालक Dr. Rameshchandra Agrawal ने जयपुर के Seva Sadan में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
संत रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष पर कार्यक्रम
बैठक में संत शिरोमणि Sant Ravidas के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर संघ के सरकार्यवाह Dattatreya Hosabale का वक्तव्य भी प्रस्तुत किया गया।
इसमें कहा गया कि वर्तमान समय में जब समाज को वर्ग और जाति के आधार पर विभाजित करने की कोशिशें हो रही हैं, तब संत रविदास के जीवन संदेश को समझते हुए समाज की एकात्मता और समरसता के लिए कार्य करना आवश्यक है।

RSS की शाखाओं में हुआ उल्लेखनीय विस्तार
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष संघ के संगठनात्मक कार्य में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- देशभर में शाखाओं की संख्या बढ़कर 88 हजार से अधिक हो गई है।
- शाखाओं में लगभग 6 हजार की वृद्धि दर्ज की गई है।
- स्थानों की संख्या 55 हजार से अधिक पहुंच गई है।
उन्होंने बताया कि अब RSS का कार्य अंडमान, अरुणाचल प्रदेश, लेह और दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों तक भी पहुंच चुका है, जहां नियमित रूप से शाखाएं संचालित हो रही हैं।
RSS: पंच परिवर्तन के माध्यम से सामाजिक जागरूकता
संघ समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए पंच परिवर्तन के माध्यम से कार्य कर रहा है।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भारतीयता या हिंदुत्व केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन शैली है। इसके माध्यम से समाज में श्रेष्ठ मूल्यों को स्थापित करने और सज्जन शक्ति को संगठित कर राष्ट्रहित में सक्रिय करने का प्रयास किया जा रहा है।

RSS: गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान वर्ष पर कार्यक्रम
RSS के स्वयंसेवकों ने Guru Tegh Bahadur के 350वें बलिदान वर्ष के अवसर पर देशभर में 2,000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें लगभग 7 लाख लोग शामिल हुए।
इसके अलावा राष्ट्रगीत Vande Mataram की 150वीं वर्षगांठ भी देशभर में उत्साहपूर्वक मनाई गई।
अगले वर्ष 96 प्रशिक्षण वर्ग आयोजित होंगे
RSS के नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत अगले वर्ष कुल 96 प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे। इनमें 11 क्षेत्रों के प्रशिक्षण वर्गों के साथ Nagpur, Maharashtra, India में भी विशेष प्रशिक्षण वर्ग शामिल होगा।

राजस्थान में भी बढ़ रहा संगठनात्मक विस्तार
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि राजस्थान में भी संघ का कार्य लगातार बढ़ रहा है।
- प्रदेश में 7,910 स्थानों पर संगठनात्मक गतिविधियां चल रही हैं।
- कुल 12,109 शाखाएं संचालित हो रही हैं।
- लगभग 5,950 मिलन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रदेश में समाज के व्यापक संपर्क के लिए 7,175 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनमें 27,918 गांवों की भागीदारी रही। इन सम्मेलनों में करीब 76 लाख से अधिक लोग शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बढ़ाने और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
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