महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार Rajasthan पुलिस द्वारा पूरे प्रदेश में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों और अवैध हूटर-बत्तियों का रौब दिखाने वालों के खिलाफ शुरू किया गया महा-अभियान अब अपने चरम पर है।
अभियान के सातवें दिन यानी रविवार, 07 जून को अवकाश के बावजूद पुलिस टीमों ने सड़कों पर सघन नाकेबंदी की। इस एक दिन में प्रदेश भर में रिकॉर्ड 9,523 वाहनों के खिलाफ सख्त दंडात्मक और विधिक कार्यवाही अमल में लाई गई है।

डीजी ट्रैफिक श्री अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में चल रहे अभियान के बारे में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ बी एल मीणा ने बताया कि इस दिन भी सबसे ज्यादा कार्रवाई गाड़ियों के शीशों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विरुद्ध लगाई गई काली फिल्म (ब्लैक फिल्म) और नियम विरुद्ध नंबर प्लेटों पर की गई। पूरी कार्रवाई का श्रेणीवार विवरण इस प्रकार है:
- वाहन के शीशों पर काली फिल्म (ब्लैक फिल्म): 3,491 वाहन
- नियम विरुद्ध नम्बर प्लेट एवं पंजीयन चिन्ह: 2,643 वाहन
- वाहन पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह एवं लेखन: 1,313 वाहन
- वाहन की संरचना (बॉडी/चेसिस) में अवैध परिवर्तन: 811 वाहन
- अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट व हूटर: 741 वाहन
- ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले प्रेशर हॉर्न / एयर हॉर्न: 524 वाहन
कोटा शहर का दबदबा कायम, अजमेर-बूंदी पुलिस ने पकड़ी भारी रफ्तार
कोटा शहर पुलिस ने रविवार को भी 117 बॉडी मॉडिफिकेशन, 379 नियम विरुद्ध नंबर प्लेट और 78 काली फिल्म के मामलों सहित कुल 830 वाहनों पर कार्यवाही कर प्रदेश में टॉप पर रही। वहीं बूंदी पुलिस ने जबरदस्त मुस्तैदी दिखाते हुए एक ही दिन में 459 वाहनों का चालान किया, जिसमें 101 मामले अवैध बत्ती/फ्लैशर के थे। अजमेर पुलिस ने 570 वाहन चालको के विरुद्ध कार्रवाई की।
जयपुर कमिश्नरेट एवं जयपुर संभाग की रविवार की कार्यवाही
जयपुर कमिश्नरेट में ट्रैफिक पुलिस की टीम रविवार के दिन भी पूरी तरह एक्शन मोड में रही, जिसके तहत सबसे ज्यादा 275 काली फिल्म और 84 नियम विरुद्ध नंबर प्लेट के मामलों सहित कुल 450 वाहनों के खिलाफ कार्यवाही की गई। कमिश्नरेट के अन्य जिलों की बात करें, तो जयपुर उत्तर में 30, जयपुर दक्षिण में 91, जयपुर पूर्व में 60 और जयपुर पश्चिम में 10 वाहनों पर कार्यवाही दर्ज की गई।
वहीं जयपुर संभाग के जिलों में नवगठित कोटपुतली-बहरोड़ जिला सबसे आगे रहा, जहां पुलिस ने रिकॉर्ड 372 वाहनों को नियमों के उल्लंघन में पाबंद किया, जिसमें सर्वाधिक 189 मामले दोषपूर्ण नंबर प्लेटों के थे। इसके अलावा संभाग के अन्य जिलों में मुस्तैदी दिखाते हुए अलवर पुलिस ने 37, भिवाड़ी पुलिस ने 88, दौसा पुलिस ने 112 और जयपुर ग्रामीण पुलिस ने 98 वाहनों के खिलाफ चालान व जब्ती की सख्त विधिक कार्यवाही को अंजाम दिया।
जोधपुर कमिश्नरेट एवं जोधपुर संभाग की रविवार की कार्यवाही
जोधपुर कमिश्नरेट में ट्रैफिक पुलिस की टीम ने रविवार को विशेष नाकेबंदी कर 107 काली फिल्म के मामलों सहित कुल 184 वाहनों पर कानून का चाबुक चलाया। इसके साथ ही जोधपुर पश्चिम पुलिस ने 108 वाहनों तथा जोधपुर पूर्व पुलिस ने 39 वाहनों को यातायात नियमों और अवैध मॉडिफिकेशन के उल्लंघन पर पाबंद किया।
जोधपुर संभाग के जिलों की स्थिति देखें, तो सीमावर्ती जिला जैसलमेर सबसे आगे रहा, जहां पुलिस ने 95 काली फिल्म के मामलों सहित कुल 140 वाहनों पर बड़ी कार्यवाही की। इसके बाद जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने 151 वाहनों, बाड़मेर में 108, फलोदी में 92, बालोतरा में 96 और जालोर जिले में 58 वाहनों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए गए।
एडीजी डॉ मीणा ने बताया कि नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गाड़ियों पर अनाधिकृत रूप से पद, जाति या संस्था का नाम लिखना, रसूख दिखाने के लिए हूटर बजाना और काली फिल्म की आड़ में घूमना कानूनन अपराध है। पुलिस का यह अभियान आने वाले दिनों में और अधिक कड़ाई के साथ जारी रहेगा, इसलिए सभी नागरिक कानून सम्मत तरीके से ही वाहनों का संचालन करें।
