राजधानी Jaipur के खो नागोरियान इलाके में पटाखा निर्माण इकाई में लगी भीषण आग में मंगलवार को 7 लोगों की मौत हो गई, और कई लोग घायल हो गए।
मरने वालों में अब्दुल वाहिद (50), राबिल, बिलाल खान (30), समीर (20) और आजीम खान उर्फ आविद शामिल हैं। 2 मृतकों की शिनाख्त नहीं हुई है। वहीं नासिर SMS हॉस्पिटल के बर्न वार्ड में भर्ती है। SMS हॉस्पिटल के प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर आरके जैन ने बताया- नासिर 95% झुलस गया।
जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि खोह नागोरियान के आयशा नगर तलाई इलाके में आईटीआई कॉलेज के पास स्थित पटाखों के गोदाम में आग लगी। प्रारंभिक आशंका है कि किसी ज्वलनशील पदार्थ के कारण हादसा हुआ।
वहीं, पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कहा कि जिस स्थान पर विस्फोट हुआ, वह पटाखों का गोदाम था, जबकि फैक्ट्री दूसरी जगह संचालित होती है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। साथ ही यह भी सामने आया है कि रिहायशी इलाके में गोदाम अवैध रूप से चलाया जा रहा था, जिसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
SHO ओमप्रकाश के अनुसार, यह मकान याकूब नामक व्यक्ति का है, जिसने इसे दिल्ली निवासी फिरोज को किराए पर दिया था। आरोप है कि फिरोज, वसीम नाम के युवक के साथ मिलकर यहां अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री चला रहा था।
विधायक ने प्रशासन पर सवाल उठाए
हादसे के बाद विधायक ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या पुलिस को इस अवैध गोदाम और फैक्ट्री की जानकारी नहीं थी?” उन्होंने रिहायशी इलाके में लंबे समय से चल रही गतिविधियों पर भी चिंता जताई।
करीब सुबह 11:30 बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते फैक्ट्री के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया। ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग तेजी से फैली, जिससे परिसर को भारी नुकसान पहुंचा और आगे विस्फोट होने की आशंका भी बढ़ गई।
अधिकारियों के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां, एंबुलेंस, पुलिस बल और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को तुरंत मौके पर भेजा गया।
आग पर 20 से 25 मिनट के भीतर काबू पा लिया गया, जिससे उसे आसपास के इलाकों में फैलने से रोक लिया गया।
मौके पर मौजूद एक अधिकारी ने PTI को बताया, “फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई थी और करीब 20–25 मिनट में आग पर नियंत्रण पा लिया गया। अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और पांच लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य बिना किसी देरी के शुरू कर दिया गया था।”
यह हाल के हफ़्तों में देश में आग लगने की सबसे ताज़ा घटना है। एक अलग घटना में, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक स्टील प्लांट में आग लगने से आठ लोगों की मौत की खबर है। इसके अलावा, सुबह गाज़ियाबाद के साहिबाबाद में भी एक टायर फ़ैक्टरी में आग लगने की सूचना मिली।
पिछले हफ़्ते, दक्षिण दिल्ली के एक होटल में आग लगने से कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से कई विदेशी नागरिक थे।
‘Open’ मैगज़ीन के अनुसार, 2019 से दिल्ली में आग लगने की घटनाओं में 500 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है और 4,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।
Edited by: Bhoomi Goyal
