Gas Shortage ESMA: अमेरिका, इज़राइल और ईरान में 11 दिनों से भयानक युद्ध चल रहा है। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध की वजह से यहां से भारत को कच्चे तेल और नैचुरल गैस (CNG) की सप्लाई लगभग ठप हो गई है। इसकी वजह से महाराष्ट्र समेत पूरे देश में घरेलू गैस, नैचुरल गैस और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी महसूस होने लगी है। अगर अगले कुछ दिनों तक युद्ध जारी रहा तो यह स्थिति और गंभीर रूप ले सकती है।
इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। गैस की कमी महसूस होने पर केंद्र सरकार ने पूरे देश में ESMA कानून यानी एसेंशियल सर्विसेज सप्लाई एक्ट लागू कर दिया है। यह कानून अब पूरे देश में ज़रूरी सामानों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाएगा। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार ने यह फैसला खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति को देखते हुए लिया है। (भारत में LPG और CNG गैस की कमी)
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— The Credible News (@TCNLive2025) March 10, 2026
खाड़ी देशों में युद्ध के हालात की वजह से पूरी दुनिया में फ्यूल की कमी का संकट महसूस होने लगा है। भारत में कमर्शियल और घरेलू इस्तेमाल के लिए गैस सिलेंडर की कमी हो गई है। महाराष्ट्र के कोल्हापुर और छत्रपति संभाजीनगर में गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से कई लोग एजेंसियों के बाहर लाइन में लगे दिख रहे हैं। इसलिए, अब केंद्र सरकार ने पूरे देश में ESMA एक्ट लागू कर दिया है। ताकि घरेलू LPG यानी गैस सिलेंडर की आसानी से सप्लाई सुनिश्चित करने में मदद मिले। केंद्र सरकार ने तेल रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को ज़्यादा LPG बनाने का निर्देश दिया है।

ESMA एक्ट असल में क्या है?
ESMA (एसेंशियल सर्विसेज़ सप्लाई एक्ट) 1968 में भारतीय संसद द्वारा पास किया गया था। यह कानून इमरजेंसी के दौरान ज़रूरी सर्विसेज़ और सुविधाओं की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने के मकसद से बनाया गया था। ESMA एक्ट के दायरे में रोज़ाना इस्तेमाल के लिए ज़रूरी चीज़ें और सर्विसेज़ शामिल हैं। इस कानून का इस्तेमाल हड़ताल के दौरान मज़दूरों को काम पर वापस लाने के लिए किया जाता है। इसलिए, लॉकडाउन और कर्फ्यू के दौरान भी कर्मचारियों को काम करने से मना नहीं किया जा सकता।

कौन सी सर्विस ESMA एक्ट के दायरे में आती हैं?
पब्लिक प्रोटेक्शन, सैनिटेशन, वॉटर सप्लाई, हॉस्पिटल और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ी सर्विस ESMA एक्ट के दायरे में आती हैं। पेट्रोलियम, कोयला, बिजली, स्टील और मिनरल के प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन में शामिल संस्थाएं और कंपनियां इस एक्ट के दायरे में आती हैं। इसके अलावा, बैंकिंग सर्विस भी ESMA के दायरे में आती हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और फूड सप्लाई की खरीद और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ी सरकारी एजेंसियों को ESMA एक्ट का पालन करना ज़रूरी है। राज्य सरकारें इस एक्ट को अपने-अपने इलाकों में अकेले या दूसरे राज्यों की मदद से लागू कर सकती हैं।
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