नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) शनिवार को देश भर में एक मॉक ड्रिल आयोजित करेगी। यह NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा को सुचारू और सुरक्षित रूप से आयोजित करने की तैयारियों का हिस्सा है।
यह मॉक ड्रिल सुबह 9 बजे शुरू होगी और देर शाम तक चलेगी। उम्मीद है कि इस अभ्यास में देश भर से 2.5 लाख से ज़्यादा सुरक्षाकर्मी हिस्सा लेंगे।
तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
सभी परीक्षा केंद्र पहले ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को सौंप दिए गए हैं। परीक्षा के दिन, किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए केंद्र तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत काम करेंगे।
5,000 से ज़्यादा परीक्षा केंद्रों पर CCTV
अधिकारियों के अनुसार, प्रश्न-पत्रों और उत्तर-पुस्तिकाओं की सुरक्षा और देखरेख की ज़िम्मेदारी अर्धसैनिक बलों की होगी। देश भर में 5,000 से ज़्यादा परीक्षा केंद्रों पर CCTV से निगरानी रखी जाएगी और सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।

इस देशव्यापी मॉक ड्रिल का मकसद परीक्षा से पहले तैयारियों, एजेंसियों के बीच तालमेल और सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता का आकलन करना है।
NEET UG 2026 री-टेस्ट बुकलेट वीडियो पर NTA का बयान
एक और खबर में, NTA ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो, जिसमें NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है, वह फ़ेक है।
सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में, NTA ने PIB के एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए साफ़ किया है कि वीडियो में दिखाए गए पैकेट में वह ज़रूरी OMR आंसर शीट नहीं है, जो आधिकारिक NEET (UG) परीक्षा बुकलेट के साथ दी जाती है। एजेंसी ने वीडियो में कई कमियां भी बताई हैं, जिससे इसकी असलियत पर शक पैदा होता है।
NMC ने NEET परीक्षा के लिए इंतज़ाम कड़े किए
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने देश भर के सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को हाई अलर्ट पर रहने और खास मामलों को छोड़कर, 20 और 21 जून को छात्रों को छुट्टी न देने का निर्देश दिया है।
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब अधिकारी 21 जून, 2026 को होने वाली NEET UG री-टेस्ट को निष्पक्ष, पारदर्शी और गड़बड़ी-मुक्त तरीके से आयोजित करने की कोशिशें तेज़ कर रहे हैं।
कोर्ट ने टेलीग्राम पर अस्थायी रोक को सही ठहराया
इसी बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से रोक लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि सरकार के उठाए गए कदम उचित थे और परीक्षा में गड़बड़ी की चिंताओं को दूर करने के लिए खास तौर पर सोच-समझकर लिए गए थे।
जस्टिस तेजस करिया ने यह फैसला सुनाया और टेलीग्राम की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 69A के तहत जारी ब्लॉक करने के आदेश को चुनौती दी गई थी।
छात्रों के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था
21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा के मद्देनज़र कई राज्यों ने छात्रों की सुविधा के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में परीक्षार्थियों को आवागमन में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। भाजपा और एनडीए शासित राज्य सरकारों ने परिवहन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है, ताकि छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इतने उम्मीदवारों ने डाउनलोड किए एडमिट कार्ड
परीक्षा में अभी दो दिन का समय शेष है, लेकिन अब तक 18 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं। उम्मीदवारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एनटीए ने लगभग 10 दिन पहले ही एडवांस सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी कर दी थी, ताकि परीक्षार्थी समय रहते परीक्षा केंद्र की दूरी, यात्रा व्यवस्था और अन्य जरूरी तैयारियों का आकलन कर सकें।
सभी व्यवस्था पर राज्यों को विशेष निर्देश
परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए एनटीए ने विभिन्न राज्यों के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। इनमें परीक्षा की निष्पक्षता के साथ-साथ अभ्यर्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। राज्यों से पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, निर्बाध बिजली आपूर्ति, बैकअप के रूप में जनरेटर, जरूरत पड़ने पर अस्थायी शौचालय, प्राथमिक उपचार केंद्र और एम्बुलेंस जैसी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं, मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित अभ्यर्थियों के लिए हल्के खाद्य पदार्थों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उन्हें परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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