Yogi का सुदर्शन चक्र तैयार! बिजनौर से अधर्मियों को अल्टीमेटम 

Rakesh Sharma - National Head
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Yogi: न्याय का कालचक्र घूमता है, तो इतिहास के पन्ने खुद-ब-खुद इंसाफ की गवाही देते हैं! 1 जून को, महाभारत की ऐतिहासिक और पौराणिक धरती बिजनौर गवाह बनी एक ऐसे ऐतिहासिक न्याय की, जिसकी प्रतीक्षा पीढ़ियों से हो रही थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi आदित्यनाथ आज बिजनौर पहुंचे और विभाजन की उस भीषण विभीषिका के घावों पर ‘सनातन मरहम’ लगा दिया। वर्ष 1946 से 1948 के बीच पाकिस्तान की मजहबी कट्टरता का दंश झेलकर, अपना सब कुछ गंवाकर भारत आए 1,645 विस्थापित हिंदू और सिख परिवारों की चौथी पीढ़ी को आज उनकी अपनी माटी का ‘भूमिधरी अधिकार पत्र’ सौंप दिया गया। दशकों का वनवास खत्म हुआ, तो विदुर कुटी की इस पावन धरा पर जय श्री राम के नारे गूंज उठे!

‘धर्म की स्थापना के लिए सुदर्शन भी आवश्यक है!’… Yogi आदित्यनाथ का यह पंच, सीधे दुष्टों और अधर्मियों के सीने पर प्रहार है। श्रीमद्भगवद्गीता में योगेश्वर श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कायरता का मार्ग नहीं, बल्कि सुदर्शन और गांडीव के दम पर, धर्म की पुनर्स्थापना का मार्ग दिखाया था। बिजनौर की धरती से सीएम योगी ने साफ कर दिया कि भारत माता की सांस्कृतिक विरासत से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा। सनातन की आत्मा गो-माता पर हाथ उठाने वालों को चेतावनी देते हुए उन्होंने साफ कहा कि यूपी का सख्त कानून, गो-हत्या करने वालों का ऐसा इलाज करेगा कि उनकी पीढ़ियां कांप उठेंगी। गंगा और गौ माता… दोनों का सम्मान ही इस देश का असली मूल चरित्र है।

और धर्म की इसी रक्षा के लिए… देश की सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए, दो दिन पहले ही देश की रक्षा राजधानी लखनऊ में शौर्य का एक और महा-अध्याय लिखा गया। 30 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री Yogi आदित्यनाथ ने गोमतीनगर विस्तार में 19 करोड़ की लागत से बनी, देश की पहली ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का भव्य लोकार्पण किया था। लोग पूछते हैं कि समंदर से सैकड़ों कोस दूर, अवध की इस ज़मीन पर नौसेना के इस प्रतीक की क्या जरूरत ? तो इसका कड़क जवाब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस ओजस्वी संबोधन में छिपा है।

रक्षा मंत्री ने दुश्मन को उसकी औकात याद दिलाते हुए साफ कहा कि इस वाटिका में तैनात मिसाइल लांचर, रडार, तोप और टारपीडो कोई शो-पीस नहीं हैं, ये वो असली काल हैं जिन्होंने जंग के मैदान में दुश्मनों के होश उड़ाए हैं। दुनिया गवाह है — जब पहलगाम में कायराना आतंकी हमला हुआ, तो हमारी जांबाज सेनाओं ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को नेस्तनाबूद कर दिया। थलसेना और वायुसेना आगे बढ़ी, तो हमारी नौसेना ने अरब सागर में ऐसा चक्रव्यूह रचा कि पाकिस्तान की पूरी नेवी डर के मारे अपने बंदरगाहों में दुबक कर बैठ गई! इसी शौर्य को नमन करते हुए मुख्यमंत्री Yogi आदित्यनाथ ने भी साफ कर दिया कि कमजोर के आगे सिर झुकाना सनातन की रीत नहीं है।

बिजनौर में विस्थापितों को मिला ऐतिहासिक न्याय हो… या लखनऊ की शौर्य वाटिका में तैनात समंदर का रक्षक INS गोमती… आज के नए भारत का संदेश बिल्कुल साफ और सीधा है। यह वो सनातन राष्ट्र है, जो शास्त्र की मर्यादा भी जानता है और शस्त्र का शौर्य भी। हम बुद्ध की शांति के उपासक भी हैं, और अधर्म के नाश के लिए योगेश्वर श्रीकृष्ण के ‘सुदर्शन चक्र’ के वाहक भी। संदेश लाउड एंड क्लियर है — ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’… जो धर्म की रक्षा करेगा, इतिहास और वक्त उसकी रक्षा की गारंटी खुद लिखेगा!

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