patrkarita: ‘अहसास — दिल से…’ के इस विशेष अंक में आपका स्वागत है। आज 30 मई, हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर हम हिंदी पत्रकारिता की उस गौरवशाली यात्रा को याद करेंगे, जिसकी शुरुआत 1826 में ‘उदंत मार्तंड’ के प्रकाशन से हुई थी। यह सिर्फ एक अखबार का जन्म नहीं था, बल्कि भारत के जनमानस की आवाज़ को अभिव्यक्ति देने वाले एक नए युग की शुरुआत थी। इस विशेष प्रस्तुति में हम जानेंगे कि पत्रकारिता केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के दर्द, संघर्ष और उम्मीदों का अहसास भी है।
इस यात्रा में हम राजस्थान के ऐतिहासिक आमेर किले से प्रेरणा लेंगे, जो अडिग साहस और मजबूत संकल्प का प्रतीक है। साथ ही पत्रकारिता के महान योद्धा गणेश शंकर विद्यार्थी के अद्वितीय बलिदान को याद करेंगे, जिन्होंने सच और इंसानियत की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की ओजस्वी पंक्तियों के माध्यम से हम कलम की शक्ति, सत्य की महत्ता और पत्रकारिता के धर्म को समझने का प्रयास करेंगे।
शनिवार की इस शांत और प्रेरणादायक सुबह में खुद से जुड़ने, अपने कर्म का मूल्य समझने और सत्य के साथ खड़े रहने का संकल्प लेने के लिए यह विशेष कार्यक्रम अवश्य देखें। यदि आपको यह प्रस्तुति पसंद आए तो वीडियो को लाइक करें, अपने मित्रों के साथ साझा करें और The News Canvas को सब्सक्राइब करना न भूलें।
