सवाई माधोपुर, 17 जून। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में एक बहन की बहादुरी और भाई के प्रति उसके अटूट प्रेम की ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। रणथंभौर से सटे खंडार क्षेत्र के टोडरा गांव में एक 20 वर्षीय युवती ने अपनी जान की परवाह किए बिना पैंथर के जबड़ों से अपने भाई को छुड़ाकर उसकी जिंदगी बचा ली।
यह घटना मंगलवार देर रात की है, जब रणथंभौर की फलौदी रेंज से निकलकर एक पैंथर टोडरा गांव की घनी आबादी में पहुंच गया। रात करीब एक बजे पैंथर कई मकानों की छतों से होता हुआ एक घर की छत पर पहुंचा, जहां गर्मी और बिजली कटौती के कारण परिवार के कई सदस्य खुले आसमान के नीचे सो रहे थे।
सोते हुए बालक पर किया हमला
जानकारी के अनुसार, पैंथर ने छत पर सो रहे 15 वर्षीय राज गुर्जर को अचानक दबोच लिया। उसने राज के सिर को तकिए सहित अपने जबड़ों में जकड़ लिया और उसे बिस्तर से घसीटते हुए कई फीट दूर तक ले जाने लगा।
अचानक हुई इस घटना से राज की चीख निकल गई, जिसने उसके परिवार को जगा दिया। सबसे पहले उसकी बड़ी बहन Radha गुर्जर की आंख खुली। सामने अपने भाई को पैंथर के कब्जे में देखकर वह घबरा गई, लेकिन अगले ही पल उसने साहस का परिचय देते हुए दौड़कर भाई को बचाने का फैसला किया।
मौत और जिंदगी के बीच कुछ पल की जंग
Radha बिना किसी डर के सीधे पैंथर के पास पहुंची और अपने भाई के पैरों को पकड़कर पूरी ताकत से अपनी ओर खींचने लगी। कुछ क्षणों तक पैंथर और बहन के बीच राज को लेकर संघर्ष चलता रहा।
इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी भी जाग गए। लोगों ने शोर मचाना शुरू किया, जिससे घबराकर पैंथर आखिरकार राज को छोड़कर वहां से भाग निकला। यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।
घायल राज का अस्पताल में उपचार जारी
हमले में राज गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है। परिवार के मुताबिक पैंथर के हमले से राज के सिर और कनपटी पर गहरे घाव हुए हैं। इसके अलावा घसीटे जाने के कारण उसकी पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आई हैं।
Radha ने बताया कि पैंथर लगातार उसके भाई को मकान के अंतिम छोर तक घसीटता रहा। सौभाग्य से सामने बनी दीवार और लोगों के शोर के कारण वह आगे नहीं बढ़ सका और शिकार छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।
बिजली कटौती के कारण छत पर सो रहा था परिवार
परिजनों ने बताया कि क्षेत्र में बिजली नहीं होने के कारण परिवार के सदस्य अक्सर रात को छत पर सोते हैं। घटना के समय भी घर की छत पर परिवार के कई लोग अलग-अलग बिस्तरों पर सो रहे थे। इसी दौरान पैंथर ने हमला कर दिया। हालांकि Radha की सूझबूझ और साहस के चलते एक बड़ा हादसा टल गया।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो महीनों से इलाके में लगातार पैंथरों की आवाजाही बनी हुई है। कई बार वन विभाग को सूचना देने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने गांव में निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और आबादी क्षेत्र में घूम रहे पैंथरों को पकड़ने की मांग की है।
दो महीने में 30 से ज्यादा घटनाएं
स्थानीय लोगों के अनुसार टोडरा और आसपास के क्षेत्रों में पिछले दो महीनों के दौरान पैंथर के आतंक से जुड़ी 30 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
पैंथर कई बछड़ों, बकरियों और आवारा कुत्तों का शिकार कर चुका है। कई बार लोगों पर हमले की कोशिशें भी हुई हैं। हालांकि वन विभाग ने मई महीने में एक पैंथर को पकड़ लिया था, लेकिन इसके बावजूद इलाके में वन्यजीवों की आवाजाही बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्वार्टर कॉलोनी, मुद्राहेड़ी रोड, आनंदेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र, नई पानी की टंकी, बालाजी मंदिर, मुख्य बाजार और गुर्जर मोहल्ले समेत कई इलाकों में लगातार पैंथर देखे जा रहे हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
बहन के साहस ने लिखी नई मिसाल
रक्षाबंधन का पर्व अभी दूर है, लेकिन टोडरा गांव की Radha ने अपने साहस और प्रेम से भाई-बहन के रिश्ते की मिसाल पेश कर दी। जिस तरह उसने मौत के मुंह से अपने भाई को खींचकर बाहर निकाला, वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। Radha की बहादुरी ने यह साबित कर दिया कि जब अपनों की जिंदगी दांव पर हो, तो साहस किसी भी डर से बड़ा हो जाता है।
